बिल्डर-बायर एग्रीमेंट RERA समीक्षा – क्लॉज़-वार रेड फ्लैग व संशोधन
फ्लैट ख़रीदारों, ब्रोकरों व वकीलों के लिए: बिल्डर-बायर एग्रीमेंट पेस्ट करें और पाएँ RERA अधिनियम 2016 व राज्य नियमों पर हिंदी क्लॉज़-वार समीक्षा – कार्पेट एरिया, पज़ेशन देरी ब्याज, 10% अग्रिम सीमा, डिफेक्ट लायबिलिटी, रेड फ्लैग और सुझाए गए संशोधन।
Use cases
- नोएडा/गुरुग्राम में फ्लैट बुक करने के बाद एग्रीमेंट पंजीकरण से पहले एकतरफ़ा क्लॉज़ पहचानकर संशोधन माँगना
- पज़ेशन में देरी होने पर एग्रीमेंट की नाममात्र क्षतिपूर्ति की तुलना RERA धारा 18 के ब्याज से करना
- ब्रोकर या वकील द्वारा क्लाइंट को हस्ताक्षर से पहले संक्षिप्त, क्लॉज़-वार जोखिम रिपोर्ट देना