अकाउंटिंग व कंप्लायंस रिटेनर प्रस्ताव – स्कोप, फ़ीस विकल्प व एंगेजमेंट शर्तें
CA फ़र्मों और टैक्स कंसल्टेंट के लिए: संभावित क्लाइंट का कारोबार, टर्नओवर, पंजीकरण और ज़रूरी सेवाएँ डालें, पाएँ हिंदी-English एंगेजमेंट प्रस्ताव – बुककीपिंग, GST, TDS, ITR, पेरोल का स्कोप, मासिक फ़ीस विकल्प, समय-सीमा, क्लाइंट की ज़िम्मेदारियाँ और शर्तें।
Use cases
- नए MSME क्लाइंट की पूछताछ पर उसी दिन साफ़ स्कोप और फ़ीस विकल्पों वाला पेशेवर प्रस्ताव भेजना
- पुराने क्लाइंट की बढ़ती बिल संख्या और नई ज़रूरतों के अनुसार रिटेनर फ़ीस दोबारा तय करना
- नोटिस, ऑडिट और ROC जैसे अलग काम को स्कोप से बाहर लिखकर बाद के विवाद रोकना